परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम को जबरदस्त रिस्पॉन्स… अब तक 3 करोड़ से अधिक रजिस्ट्रेशन!
जब डर से भरोसे तक की बात होती है
परीक्षा का नाम सुनते ही बच्चों के चेहरे पर तनाव और माता-पिता की आंखों में चिंता दिखना आम बात है। लेकिन जब वही परीक्षा एक संवाद में बदल जाए, तो तस्वीर बदल जाती है। यही वजह है कि देशभर के छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों ने ‘परीक्षा पे चर्चा’ को दिल से अपनाया है। इस साल ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम को जबरदस्त रिस्पॉन्स… अब तक 3 करोड़ से अधिक रजिस्ट्रेशन दर्ज किए गए हैं। यह आंकड़ा सिर्फ संख्या नहीं, बल्कि उस भरोसे की कहानी है जो बच्चों को डर से निकालकर आत्मविश्वास की ओर ले जा रहा है।
3 करोड़ रजिस्ट्रेशन का मतलब क्या है
जब किसी शैक्षणिक पहल में 3 करोड़ से ज्यादा लोग जुड़ते हैं, तो यह साफ संकेत होता है कि देश के युवा कुछ अलग चाहते हैं। ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम को जबरदस्त रिस्पॉन्स… अब तक 3 करोड़ से अधिक रजिस्ट्रेशन यह दिखाता है कि छात्र केवल किताबों तक सीमित नहीं रहना चाहते, वे मार्गदर्शन और संवाद चाहते हैं। छोटे शहरों से लेकर बड़े महानगरों तक, हर वर्ग के छात्रों ने इसमें हिस्सा लिया है। यह कार्यक्रम परीक्षा को बोझ नहीं, बल्कि जीवन के एक पड़ाव के रूप में देखने की सोच को मजबूत कर रहा है।

छात्रों को क्यों पसंद आ रहा है ‘परीक्षा पे चर्चा’
छात्रों के लिए यह कार्यक्रम इसलिए खास है क्योंकि यहां उनकी बात सुनी जाती है। परीक्षा का दबाव, करियर की चिंता और असफलता का डर—इन सब मुद्दों पर खुलकर चर्चा होती है। कई छात्रों का कहना है कि ‘परीक्षा पे चर्चा’ ने उन्हें यह समझाया कि नंबर ही सब कुछ नहीं होते। इस वजह से ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम को जबरदस्त रिस्पॉन्स… अब तक 3 करोड़ से अधिक रजिस्ट्रेशन मिले हैं। यह मंच छात्रों को आत्मविश्वास देता है और उन्हें मानसिक रूप से मजबूत बनाता है।
अभिभावकों और शिक्षकों की भी बड़ी भागीदारी
यह कार्यक्रम केवल छात्रों तक सीमित नहीं है। अभिभावक और शिक्षक भी इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। माता-पिता को यह समझने का मौका मिलता है कि बच्चों पर जरूरत से ज्यादा दबाव कैसे नुकसान पहुंचा सकता है। शिक्षक भी नई पीढ़ी की सोच को बेहतर तरीके से समझ पाते हैं। यही सामूहिक जुड़ाव इसकी सबसे बड़ी ताकत है। ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम को जबरदस्त रिस्पॉन्स… अब तक 3 करोड़ से अधिक रजिस्ट्रेशन इस बात का प्रमाण है कि शिक्षा केवल क्लासरूम तक सीमित नहीं रहनी चाहिए।
डिजिटल प्लेटफॉर्म ने बढ़ाई पहुंच
डिजिटल माध्यमों की वजह से ‘परीक्षा पे चर्चा’ देश के हर कोने तक पहुंच पाई है। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और लाइव प्रसारण ने इसे गांव-गांव तक पहुंचा दिया। इंटरनेट और मोबाइल के जरिए छात्र कहीं से भी जुड़ सकते हैं। इससे उन छात्रों को भी मौका मिला, जो पहले ऐसे कार्यक्रमों से दूर रहते थे। यही वजह है कि ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम को जबरदस्त रिस्पॉन्स… अब तक 3 करोड़ से अधिक रजिस्ट्रेशन संभव हो पाए हैं और हर साल यह संख्या बढ़ती जा रही है।
बदलती शिक्षा सोच की झलक
‘परीक्षा पे चर्चा’ केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि बदलती शिक्षा सोच की झलक है। यहां सफलता और असफलता दोनों को जीवन का हिस्सा मानने की बात होती है। यह पहल छात्रों को यह समझाती है कि परीक्षा जिंदगी का अंत नहीं, बल्कि एक अनुभव है। इस सकारात्मक संदेश ने लाखों युवाओं को जोड़ा है। यही कारण है कि ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम को जबरदस्त रिस्पॉन्स… अब तक 3 करोड़ से अधिक रजिस्ट्रेशन दर्ज किए गए हैं।
FAQs लोग क्या जानना चाहते हैं
‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम क्या है?
यह एक संवादात्मक कार्यक्रम है, जिसमें परीक्षा से जुड़े तनाव, तैयारी और जीवन मूल्यों पर छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से बातचीत की जाती है।
इस साल कितने रजिस्ट्रेशन हुए हैं?
इस साल ‘परीक्षा पे चर्चा’ को जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला है और अब तक 3 करोड़ से अधिक रजिस्ट्रेशन दर्ज किए जा चुके हैं।
क्या इसमें केवल छात्र ही भाग लेते हैं?
नहीं, इस कार्यक्रम में छात्र, अभिभावक और शिक्षक सभी हिस्सा लेते हैं, जिससे शिक्षा से जुड़ी हर दृष्टि सामने आती है।
इसमें रजिस्ट्रेशन कैसे किया जाता है?
रजिस्ट्रेशन ऑनलाइन माध्यम से किया जाता है, जहां छात्र और अन्य प्रतिभागी अपनी जानकारी भरकर जुड़ सकते हैं।
‘परीक्षा पे चर्चा’ का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य परीक्षा को तनाव से मुक्त करना और छात्रों में आत्मविश्वास व सकारात्मक सोच को बढ़ावा देना है।
सार्थक निष्कर्ष
आज के दौर में जब परीक्षा का दबाव बच्चों को मानसिक रूप से कमजोर कर देता है, तब ‘परीक्षा पे चर्चा’ जैसी पहल उम्मीद की किरण बनकर सामने आई है। ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम को जबरदस्त रिस्पॉन्स… अब तक 3 करोड़ से अधिक रजिस्ट्रेशन इस बात का संकेत है कि देश का युवा संवाद और मार्गदर्शन चाहता है, डर नहीं। यह कार्यक्रम न सिर्फ परीक्षा को आसान बनाता है, बल्कि जीवन को भी संतुलित करने की सीख देता है।









