10वीं-12वीं के students के लिए Study Tips, तेज़ और आसान यहां तुरंत जानें!
students: अगर आप 10वीं या 12वीं में हैं, तो आपको पता ही है कि पढ़ाई कभीकभी सुपरहीरो वाली ताकत माँगती है। बस फर्क इतना है कि सुपरहीरो के पास केप होती है, और आपके पास नोटबुक! लेकिन टेंशन मत लो, क्योंकि पढ़ाई को आसान बनाने के कुछ ऐसे छोटेछोटे तरीके होते हैं, जिनसे पढ़ाई मज़ाक जैसी लगने लगती है। यही तरीके आज आपको यहाँ मिलेंगे, वो भी इतने आसान कि आपकी दादी भी पढ़ कर समझ जाएँ और कहें अरे, यह तो हम भी कर लेते थे!”
पढ़ाई शुरू कैसे करें
पढ़ाई का नाम सुनते ही कुछ बच्चे ऐसे चेहरा बनाते हैं जैसे मोबाइल की बैटरी 1% पर अटक गई हो। लेकिन जब तरीका सही हो, तो वही चेहरा 100% चार्ज हो जाता है। चलिए, अब शुरू करते हैं उन बातों से जो आपकी पढ़ाई को तेज़ भी बनाएंगी और आसान भी, और बीच बीच में थोड़ी हंसी भी आएगी ताकि आप बोर न हों।
ध्यान कैसे टिकाएँ
सबसे पहले बात आती है पढ़ाई की शुरुआत की। ज्यादातर स्टूडेंट्स यह फैसला करने में आधा घंटा लगा देते हैं कि पढ़ना क्या है। कोई किताब उठाता है, फिर दूसरी, फिर तीसरी, और आखिरी में वही पहली। ऐसा लगता है जैसे हम किताबों से दोस्ती नहीं, रिश्ता देखने आए हों। इसलिए पढ़ाई शुरू करने का सबसे सरल तरीका है कि बस बैठो और जो सामने है, वहीं से शुरू कर दो। शुरुआत हो जाए, तो आधा काम वैसे ही आसान हो जाता है।
मोबाइल का जादू और परेशानी
अब बात आती है पढ़ाई में बैठने की। कुछ बच्चे पढ़ाई शुरू करते ही इतने थक जाते हैं जैसे अभी-अभी पहाड़ चढ़ कर आए हों। कारण सिंपल है दिमाग भागता है, लेकिन ध्यान बैठता नहीं। ध्यान बैठाने का बेहद आसान तरीका है कि पढ़ाई को छोटे-छोटे हिस्सों में बाँटो। 20 मिनट पढ़ो, 5 मिनट घूम लो। लेकिन घूमना मतलब फोन पर रील नहीं। वर्ना 5 मिनट से 50 मिनट हो जाते हैं और फिर guilt level भी बढ़ जाता है। बस उठकर थोड़ा स्ट्रेच कर लो, पानी पी लो, बस इतना ही।
नोट्स कैसे बनाएँ
कुछ बच्चे इतने बड़े-बड़े नोट्स बना देते हैं कि लगता है किताब की फोटोकॉपी कर दी है। नोट्स छोटे रखो, साफ रखो और अपने शब्दों में लिखो। ऐसा करने से दिमाग जल्दी समझता है और रिविजन भी आसान होता है। नोट्स में सिर्फ वही चीज़ लिखो जो बार-बार पूछी जाती हैं, या जो मुश्किल लगती है।
रिविजन का सही तरीका
रिविजन का नाम आते ही कई स्टूडेंट्स डर जाते हैं, लेकिन असल में रिविजन पढ़ाई का सबसे आसान हिस्सा है। एक बार समझ आ जाए, तो बार-बार पढ़ना मुश्किल नहीं होता।
रिविजन करते समय अपने आप से सवाल पूछो। अगर जवाब खुद दे पाए तो समझो बात पक्की है। अगर याद नहीं आए तो दोबारा देख लो। यही तरीका हमेशा काम आता है।

स्कूल और कोचिंग में क्या फोकस रखें
क्लास में ध्यान देना दुनिया का सबसे आसान काम है, बस शर्त यह है कि आप मोबाइल में ना उलझे हों। क्लास में आधा समझ आ जाए, तो घर पर पढ़ाई 50% आसान हो जाती है।
कोचिंग में भी यही नियम है क्लास में जो समझ नहीं आए, वहीं पूछ लो। घर जाकर पछताने से अच्छा है कि वहीं साफ कर लो।
कॉमिक अंदाज़ में सच बात
कई स्टूडेंट सोचते हैं कि पढ़ाई रात में ही होती है। दिन में जैसे दिमाग छुट्टी पर हो। रात में पढ़ने वाले ज्यादातर बच्चे 10 बजे कहते हैं आज जमकर पढ़ेंगे, और 10:30 पर कह देते हैं कल पक्का पढ़ेंगे।
असल में पढ़ाई का कोई टाइम नहीं होता, जो टाइम आपको अच्छा लगे, वही सही है। बस नींद पूरी होनी चाहिए और दिमाग शांत होना चाहिए।
सेहत का ध्यान क्यों ज़रूरी है
खाली पेट पढ़ाई वैसी होती है जैसे बिना चार्ज का फोन। चलता तो है, लेकिन मिनटों में बंद हो जाता है।
थोड़ा सा अच्छा खाना, थोड़ा पानी, और थोड़ी नींद ये तीन चीज़ें पढ़ाई को तेज़ बनाती हैं। स्टूडेंट्स को 7–8 घंटे की नींद बहुत ज़रूरी है। नींद पूरी होगी तो दिमाग तेज़ चलेगा।
निवारण
10वीं-12वीं में सबसे बड़ी लड़ाई किताबों से ज्यादा distractions से होती है। मोबाइल, म्यूज़िक, नोटिफिकेशन, और कुछ बच्चों के लिए तो दीवार भी distraction बन जाती है उसे देखते देखते भी टाइम निकल जाता है। इसलिए पढ़ते समय मोबाइल को थोड़ा दूर रखो। ज़्यादा दूर नहीं, वरना उसकी









