CBSE’s big decision: बच्चों की सुरक्षा के लिए डॉग बाइट गाइडलाइंस जारी!
CBSE’s big decision: अरे यार, सुनो तो सही! अब CBSE ने स्कूलों के लिए डॉग बाइट गाइडलाइंस जारी कर दी हैं। मतलब अब बच्चों की सुरक्षा पहले जैसी नहीं, बल्कि और पक्की हो गई है। स्कूल में या उसके आसपास कोई कुत्ता अगर गुस्से में आता है, तो बच्चे सुरक्षित रहेंगे।
बच्चों की सुरक्षा सबसे पहले
भाई, बच्चों का स्कूल जाना सिर्फ पढ़ाई के लिए ही नहीं है। वहां उनका जीवन, स्वास्थ्य और मनोबल भी सुरक्षित रहना चाहिए। CBSE ने ये गाइडलाइन इसलिए बनाई ताकि कोई भी बच्चा डॉग बाइट या चोट से परेशान न हो।
गाइडलाइन में क्या है
CBSE की गाइडलाइन में बताया गया है:
- स्कूल के बाहर और गेट के पास सुरक्षा व्यवस्था हो।
- बच्चों को जानवरों से सुरक्षित दूरी बनाना सिखाना।
- अगर स्कूल के आसपास कुत्ते घूम रहे हैं, तो उन्हें नियंत्रित करने का इंतजाम।
- बच्चे अगर डॉग बाइट की स्थिति में हैं, तो क्या करें और किसे बताएं।
मतलब यार, बच्चों की सुरक्षा अब हाथ में हाथ डाल के पक्की हो गई है।

बच्चों और माता-पिता के लिए फायदा
- बच्चे स्कूल में सुरक्षित रहेंगे।
- माता-पिता को चिंता नहीं रहेगी।
- बच्चों को जानवरों के प्रति सही व्यवहार सीखने का मौका मिलेगा।
- स्कूल प्रशासन को भी साफ निर्देश मिलेंगे कि सुरक्षा कैसे सुनिश्चित करें।
कैसे पालन करें
- स्कूल में फेंसिंग और सुरक्षा चेक जरूर रखें।
- बच्चों को जानवरों से दूरी बनाए रखना सिखाएं।
- अगर कोई कुत्ता आसपास है, तो अधिकारियों को तुरंत सूचित करें।
- हमेशा मेडिकल मदद तैयार रखें।
- बच्चों के लिए सुरक्षा प्रोग्राम चलाएं।
याद रखो भाई, नियम बनाने से काम नहीं चलता, जागरूकता और सावधानी भी जरूरी है।
मानव अधिकार की बात
भाई, ये सिर्फ नियम नहीं हैं। बच्चों का जीवन और स्वास्थ्य सुरक्षित रहना भी उनका मानव अधिकार है।
- पढ़ाई का अधिकार तभी पूरा होता है जब बच्चे सुरक्षित महसूस करें।
- मानसिक और शारीरिक सुरक्षा बच्चों के विश्वास और आत्म–सम्मान को बढ़ाती है।
- CBSE यह सुनिश्चित कर रहा है कि हर बच्चा सुरक्षित वातावरण में पढ़ाई करे।
माता-पिता और स्कूल की जिम्मेदारी
- माता-पिता को चाहिए कि वे बच्चों को जानवरों के प्रति सतर्क और सुरक्षित व्यवहार सिखाएँ।
- स्कूल प्रशासन को चाहिए कि सभी सुरक्षा उपाय अपनाएँ।
- अगर कोई घटना होती है, तो तुरंत आपातकालीन सेवाओं से संपर्क करें।
आखिरी बात
तो भाई, CBSE का ये कदम बच्चों की सुरक्षा और मानव अधिकारों की रक्षा के लिए बढ़िया है। स्कूल में सुरक्षित रहना, पढ़ाई करना और खुश रहना हर बच्चे का हक है। अब बच्चों को डरने की जरूरत नहीं, क्योंकि स्कूल अब और ज्यादा सुरक्षित है।









