CM Rekha Gupta’s surprise visit: रैन बसेरों की हकीकत जानकर सरकार हुई सख्त!
CM Rekha Gupta’s surprise visit: सुनो तो सही। कल रात मैंने सुना कि हमारी CM रेखा गुप्ता अचानक ही दौरे पर निकल पड़ी। अब तुम सोच रहे हो कि इतनी बड़ी बहन अचानक क्यों निकल गई? दरअसल, खबर आई कि हमारे रैन बसेरों की हालत कुछ ऐसी है कि सीधे शब्दों में कहें तो हाय राम! मैंने अपने दोस्त से कहा यार ये CM साहिबा आए और रैन बसेरों की हकीकत देखी तो समझो, सरकार का चेहरा वहीँ सफेद-पुड़िया जैसा हो गया! अब सोचो, तुम्हें पता है न रैन बसेरे में क्या होता है। लोगों के रहने के लिए जो इंतजाम होना चाहिए, वह नदारद। बिस्तर से लेकर चद्दर तक, सब कुछ ऐसा जैसे ‘पुराना जमाना वाला हॉस्टल’। CM जी वहां पहुँचीं और एक झलक में ही सब चीज़ों का ऑडिट कर डाला।
अरे बाप रे! CM आईं और रैन बसेरों का सच देखा!
वो इतनी जल्दी आईं कि कोई भी “सरकारी ढीला-ढाला इंतजाम” छुपा ही नहीं सका। देखो, CM रेखा गुप्ता का अंदाज़ भी अलग है। बस ऐसे ही दौरे पे निकल पड़ती हैं और जब चीज़ें गड़बड़ दिखें, तो सरकार को सख्त होने के अलावा और कोई रास्ता नहीं बचता। भाई, मैंने अपने दोस्त से कहा, “यार, यह CM तो ऐसे आईं जैसे छिपकली देखो और पूरी दीवार पर दौड़ पड़ो।

सरकारी इंतजाम FAIL, CM ने दी कड़ी चेतावनी!
सब अफसर हक्का-बक्का रह गए। पता है, रैन बसेरों में जो हालात थे, वह सुनो तो सही बिस्तर इतने पुराने कि उस पर बैठते ही लगता जैसे किसी ने टमाटर के साथ धो डाला हो। बाथरूम? अरे भाई, जो पानी आता है वह या तो बहुत कम या बहुत ज्यादा! कभी-कभी तो लोग सोचते हैं, ‘पानी है या कोई नदी बह रही है। किचन? हाहाहा खाना बनाने के लिए जो गैस दी गई थी, उसका हॉल हर बार खाली।
रैन बसेरे का हाल देखकर सरकार हुई सख्त!
CM जी ने देखा और तुरन्त आदेश दिए कि ये हालत सुधारो। मैं अपने दोस्त से बोला, “अब समझा, जो CM साहिबा दौरे पर आती हैं, तो सिर्फ तस्वीर लेने नहीं आती, हकीकत देखने आती हैं। और मजेदार बात ये है कि अगले दिन अफसरों के चेहरे ऐसे थे जैसे दूध में नींबू डाल दिया हो। सब हड़बड़ा कर काम करने लगे। CM जी का दौरा इतना असरदार था कि रैन बसेरों में अगले हफ्ते तक साफ-सफाई, बिस्तर, पानी और खाना जैसे सभी इंतजाम सुधार दिए गए।
CM रेखा गुप्ता का अचानक दौरा, अफसरों के पसीने छूट गए!
भाई, इस घटना से हमें यही सीख मिलती है कि कभी-कभी नेता भी ऐसे गांव की गलियों में दौरे कर जाएँ तो सचमुच चीज़ें सुधर सकती हैं। और हाँ, अगर CM जी खुद दौरे पर आती हैं, तो कोई भी अफसर आराम नहीं कर सकता। तो याद रखना, अगली बार अगर तुम्हें लगे कि सरकारी इंतजाम ढीले हैं, तो CM साहिबा कहीं आ भी सकती हैं। और तब तो हाय राम!









